Tuesday, November 20, 2007

कोण कहते है भगवान आते नही (२)
मित मिरा के जैसे बुलाते नही ॥

अच्युतम केशवम राम नारायणम
कृष्न दामोदरम गोपिका वल्लभम ॥

कोण कहते है भगवान खाते नही (२)
बेर शबरी के जैसे खिलाते नही ॥

अच्युतम केशवम राम नारायणम
कृष्न दामोदरम गोपिका वल्लभम ॥

कोण कहते है भगवान नाचते नही (२)
गोपियोंकि तरहा तुम नचाते नही ॥

अच्युतम केशवम राम नारायणम
कृष्न दामोदरम गोपिका वल्लभम ॥

कोण कहते है भगवान सोते नही (२)
मा यशोधा कि तरहा सुलते नही ॥

अच्युतम केशवम राम नारायणम
कृष्न दामोदरम गोपिका वल्लभम ॥

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